2 पतरस
2 Peter
Introduction from this edition
पतरस की दुसरी चिट्ठी
पतरस की दुसरी चिट्ठी
परिचय
2 पतरस की चिट्ठी मैं कहो गौ है कि जौ प्रेरित पतरस के जरिया लिखी गई रहै, लेकिन आज तमान विद्वान जाकै सच नाय मानथैं। जौ हुई सकथै कि कोई और जाकै पतरस के तरफ से लिखी होबै। और लेखक कहथै कि बौ ईसु की जिंदगी को खास रूप से रूपान्तरड़ कै देखी रहै
पतरस जौ चिट्ठी विस्वासिन कै अच्छी जिंदगी जीन के ताहीं प्रोत्साहित करन और झूठे सिक्छकन को अनुसरँड़ ना करन की चितौनी देन के ताहीं लिखी रहै। बौ उनकै बे लोगन की उपेक्छा करन के ताहीं प्रोत्साहित करी जो कह रै हैं कि ईसु कै बापस लौटन मैं भौत समय लग रहो है। जाके बजाय बौ बताई कि परमेस्वर ढीलो नाय है बल्किन चाहथै कि हर कोई बचाओ जाबै
रूपरेखा:
1. पतरस अपनो परिचय देथै और अपने पढ़न बारेन कै संबोधित करथै।
2. फिर बौ उनकै अच्छी जिंदगी जीन कै समकबाथै काहैकि परमेस्वर हमैं काबिल करी है।
3. जाके बाद बौ झूठे सिक्छकन के खिलाप चितौनी देथै और कहथै कि अंत मैं झूठे सिक्छकन को का होगो।
4. बाके बाद पतरस विस्वासिन कै ईसु के दुबारा आन की तैयारी के ताहीं अच्छी जिंदगी जीन के ताहीं प्रोत्साहित करत भै खतम करथै।
परमेस्वर को सच्चो वचन. Copyright © 2024 The Word for the World International and Rana Tharu Translation Samithi, Khatima, UttraKhanda, India. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
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