इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019
भजन संहिता 52
दुष्ट का अन्त और धर्मी की शान्ति
प्रधान बजानेवाले के लिये मश्कील पर दाऊद का भजन जब दोएग एदोमी ने शाऊल को बताया कि दाऊद अहीमेलेक के घर गया था
हे वीर, तू बुराई करने पर क्यों घमण्ड करता है?
परमेश्वर की करुणा तो अनन्त है।
तेरी जीभ केवल दुष्टता गढ़ती है1;
सान धरे हुए उस्तरे के समान वह छल
का काम करती है।
तू भलाई से बढ़कर बुराई में,
और धार्मिकता की बात से बढ़कर झूठ से प्रीति रखता है। (सेला)
हे छली जीभ,
तू सब विनाश करनेवाली बातों से प्रसन्न रहती है।
निश्चय परमेश्वर तुझे सदा के लिये नाश कर देगा;
वह तुझे पकड़कर तेरे डेरे से निकाल देगा;
और जीवितों के लोक से तुझे उखाड़ डालेगा। (सेला)
तब धर्मी लोग इस घटना को देखकर डर जाएँगे,
और यह कहकर उस पर हँसेंगे,
“देखो, यह वही पुरुष है जिसने परमेश्वर को
अपनी शरण नहीं माना,
परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा रखता था,
और अपने को दुष्टता में दृढ़ करता रहा!”
परन्तु मैं तो परमेश्वर के भवन में हरे जैतून के
वृक्ष के समान हूँ2।
मैंने परमेश्वर की करुणा पर सदा सर्वदा के
लिये भरोसा रखा है।
मैं तेरा धन्यवाद सर्वदा करता रहूँगा, क्योंकि
तू ही ने यह काम किया है।
मैं तेरे नाम पर आशा रखता हूँ, क्योंकि
यह तेरे पवित्र भक्तों के सामने उत्तम है।
Source notes (2)
- Footnote तेरी जीभ केवल दुष्टता गढ़ती है: कहने का अर्थ है कि वह मनुष्य अपनी जीभ के द्वारा मनुष्यों का विनाश करता है।
- Footnote मैं तो परमेश्वर के भवन में हरे जैतून के वृक्ष के समान हूँ: इस प्रकार पवित्रस्थान के आँगन में लगाया गया वृक्ष पवित्र माना जाता है क्योंकि वह परमेश्वर की सुरक्षा के अधीन होता है।
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019. Copyright © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
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