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इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019

भजन संहिता 13

उद्धार के लिये प्रार्थना

प्रधान बजानेवाले के लिये दाऊद का भजन

हे परमेश्वर, तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा?

तू कब तक अपना मुखड़ा मुझसे छिपाए रखेगा?

मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियाँ करता रहूँ,

और दिन भर अपने हृदय में दुःखित रहा करूँ1?,

कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?

हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मेरी ओर ध्यान दे और मुझे उत्तर दे,

मेरी आँखों में ज्योति आने दे2, नहीं तो मुझे मृत्यु की नींद आ जाएगी;

ऐसा न हो कि मेरा शत्रु कहे, “मैं उस पर प्रबल हो गया;”

और ऐसा न हो कि जब मैं डगमगाने लगूँ तो मेरे शत्रु मगन हों।

परन्तु मैंने तो तेरी करुणा पर भरोसा रखा है;

मेरा हृदय तेरे उद्धार से मगन होगा।

मैं यहोवा के नाम का भजन गाऊँगा,

क्योंकि उसने मेरी भलाई की है।

Source notes (2)
  1. Footnote दिन भर अपने हृदय में दुःखित रहा करूँ: प्रतिदिन लगातार दु:खी रहूँ। अर्थात् उसके कष्टों में अन्तराल नहीं था।
  2. Footnote मेरी आँखों में ज्योति आने दे: मृत्यु के निकट आने पर आँखों की ज्योति कम हो जाती है और उसे ऐसा प्रतीत होता है कि मृत्यु निकट है। वह कहता है कि जब तक परमेश्वर हस्तक्षेप न करे अंधकार गहरा होता जाएगा।

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019. Copyright © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.

Full source notice & licence · CC BY-SA 4.0 · SourceEdition imported 2026-10-25.

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