यहूदा
Jude
Introduction from this edition
यहूदा की चिट्ठी
यहूदा की चिट्ठी
परिचय
यहूदा नाओं की चिट्ठी को नाओं जाके लेखक के नाओं पर रखो गौ है। यहूदा खुदकै ईसु के भईय्या, याकूब के भईय्या के रूप मैं मानथै। तभईये बाकै ईसु के भईय्यन मैं से एक भी मानो जाथै
सबै मसीहियन कै चिट्ठी लिखन को बाको उद्देस्य उनकै झूठे सिक्छकन के जरिया गुमराह करे जान के खिलाप चितौनी देनो है
रूपरेखा:
1. यहूदा पहले अपने पढ़न बारेन कै संबोधित करथै।
2. जाके बाद, बौ लिखन को अपनो कारड़ बताथै जो उन्हैं झूठे सिक्छकन के खिलाप चितौनी देनो है।
3. बाके बाद बौ पुराने नियम मैं लोगन और घटनाओं से उदाहरड़ देथै।
4. फिर बौ उनकै बताथै कि चितौनी के प्रति उनकी प्रतिसाद का होनी चाहिए।
5. आखरी मैं बौ परमेस्वर की स्तुति करत भै चिट्ठी कै बंद करथै।
परमेस्वर को सच्चो वचन. Copyright © 2024 The Word for the World International and Rana Tharu Translation Samithi, Khatima, UttraKhanda, India. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
Full source notice & licence · CC BY-SA 4.0 · SourceEdition imported 2026-10-25.