1 तीमुथियुस
1 Timothy
Introduction from this edition
तीमुथियुस को लिखी हुई पौलुस की पहली चिट्ठी
तीमुथियुस कै लिखी भइ पौलुस की पहली चिट्ठी
परिचय
1 तीमुथियुस की किताब प्रेरित पौलुस के जरिया अपने चेला तीमुथियुस कै लिखी गई एक चिट्ठी है। 1 तीमुथियुस संभवत: मसीह के जनम के लमसम 62-64 साल के बाद लिखी गई रहै। जौ पौलुस के जीवन को आखरी समय रहै। पौलुस को तीमुथियुस के संग गहरो संबंध रहै और बौ बाकै तमान बार लौड़ा के रूप मैं संबोधित करी।
जौ पौलुस की चार चिट्ठिन मैं से एक है जो एक कलीसिया के बजाय एक आदमी कै संबोधित करी है। दुसरी तीन चिट्ठी 2 तीमुथियुस, तीतुस और फिलेमोन हैं। 1 तीमुथियुस मैं कलीसिया की आराधना
रूपरेखा
1. पौलुस तीमुथियुस कै नमस्ते करत भै सुरू करथै।
2. तौ बौ तीमुथियुस कै झूठे सिक्छकन के विरुद्ध चितौनी देथै।
3. पौलुस जौ बतात भै जारी रखथै कि बौ ईसु मसीह के ताहीं कितनो आभारी है।
4. जाके बाद बौ तीमुथियुस कै आराधना और कलीसिया के नेताओं के बारे मैं निर्देस देथै।
5. पौलुस तीमुथियुस कै कुछ आखरी निर्देस दैकै अपनी चिट्ठी खतम करी।
परमेस्वर को सच्चो वचन. Copyright © 2024 The Word for the World International and Rana Tharu Translation Samithi, Khatima, UttraKhanda, India. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
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