जीवन को वचन
सभोपदेशक 3:1
Verse 1 is marked below, with the whole chapter around it. Read from the start
सब कामों को एक निश्चित समय
हर एक बात को एक अवसर अऊर हर काम को, जो धरती पर होवय हय, एक समय हय। जनम को समय, अऊर मरन को समय; अऊर बोयो हुयो ख उखाड़न को भी समय हय; मारन को समय, अऊर चंगो करन को भी समय; गिराय देन को समय, अऊर बनावन को भी समय हय; रोवन को समय, अऊर हंसन को भी समय; शोक करन को समय, अऊर नाचन को भी समय हय; गोटा फेकन को समय, अऊर गोटा जमा करन को भी समय ; गलो लगावन को समय, अऊर गलो लगावन सी रूकन को भी समय हय; ढूंढन को समय, अऊर खोय देन को भी समय; बचाय रखन को समय, अऊर फेक देन को भी समय हय; फाड़न को समय, अऊर सीवन को भी समय; चुप रहन को समय, अऊर बोलन को भी समय हय; प्रेम करन को समय, अऊर दुश्मनी करन को भी समय; लड़ायी करन को समय, अऊर मिलन को भी समय हय। काम करन वालो ख अपनी मेहनत सी का फायदा होवय हय? मय न देख्यो हय कि परमेश्वर न मानव जाति पर कितनो बोझ डाल्यो हय। उन्न हर एक चिज ख ओको लायी सही समय मच बनायो हय; उन्न आदमी को दिल म अनन्त काल को ज्ञान की क्षमता दी, तब भी आदमी नहीं समझ पावय कि परमेश्वर न शुरू सी आखरी तक का करयो हय। मय न जान लियो हय कि मनुष्यों को लायी खुशी मनावय अऊर जीवन भर भलायी करन को सिवाय, अऊर कुछ भी अच्छो नहाय; अऊर यो भी परमेश्वर को दान आय कि मनुष्य खाये-पीये अऊर अपनो सब मेहनत म सुखी रहे। मय जानु हय कि जो कुछ परमेश्वर करय हय ऊ हमेशा स्थिर रहेंन; नहीं त ओको म कुछ बढ़ायो अऊर नहीं कुछ घटायो जाय सकय हय; परमेश्वर असो येकोलायी करय हय कि लोग ओको डर माने। जो कुछ भयो ऊ येकोसी पहिले भी होय चुक्यो हय; जो होन वालो हय, ऊ भय भी गयो हय; अऊर परमेश्वर बीती हुयी बातों ख फिर सी कह्य हय।
संसार म अन्याय
फिर मय न धरती पर का देख्यो कि न्याय की जागा म अन्याय होवय हय, अऊर अच्छायी की जागा म भी बुरो काम होवय हय। मय न मन म कह्यो, “परमेश्वर न्यायी अऊर दुष्ट दोयी को न्याय करेंन,” कहालीकि ओको यहां एक एक विषय अऊर एक एक काम को समय हय। मय न मन म कह्यो, “यो येकोलायी होवय हय कि परमेश्वर मनुष्यों ख जांचे कि हि देख सके कि हि जनावर जसो हय।” कहालीकि जसी मनुष्यों की वसी जनावरों की भी दशा होवय हय; दोयी की वाच दशा होवय हय, जसो एक मरय वसोच दूसरो भी मरय हय। सब की स्वास एक जसी हय, अऊर मनुष्य जनावर सी कुछ बढ़ क नहाय; सब कुछ बेकारच हय। सब एक जागा म जावय हंय; सब माटी सी बन्यो हंय, अऊर सब माटी म मिल जावय हंय। का आदमियों को जीव ऊपर को तरफ चढ़य हय अऊर जनावरों को जीव खल्लो को तरफ जाय क माटी म मिल जावय हय? यो कौन जानय हय? अत: मय न यो देख्यो कि येको सी जादा कुछ अच्छो नहाय कि मनुष्य अपनो कामों म खुश रहे कहालीकि ओको हिस्सा योच आय; कौन ओको पीछू होन वाली बातों ख वापस लाय क दिखाय सकय हय?
जीवन को वचन. Copyright © 2020-2025 The Word for the World International. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
Full source notice & licence · CC BY-SA 4.0 · SourceEdition imported 2026-10-25.