इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019
भजन संहिता 43
संकट के समय प्रार्थना
हे परमेश्वर, मेरा न्याय चुका1
और विधर्मी जाति से मेरा मुकद्दमा लड़;
मुझ को छली और कुटिल पुरुष से बचा।
क्योंकि तू मेरा सामर्थी परमेश्वर है,
तूने क्यों मुझे त्याग दिया है?
मैं शत्रु के अत्याचार के मारे शोक का
पहरावा पहने हुए क्यों फिरता रहूँ?
अपने प्रकाश और अपनी सच्चाई को भेज;
वे मेरी अगुआई करें,
वे ही मुझ को तेरे पवित्र पर्वत2
पर और तेरे निवास-स्थान में पहुँचाए!
तब मैं परमेश्वर की वेदी के पास जाऊँगा,
उस परमेश्वर के पास जो मेरे अति
आनन्द का कुण्ड है; और हे परमेश्वर,
हे मेरे परमेश्वर, मैं वीणा बजा-बजाकर तेरा धन्यवाद करूँगा।
हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है?
तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है?
परमेश्वर पर आशा रख, क्योंकि वह मेरे मुख की चमक
और मेरा परमेश्वर है; मैं फिर उसका धन्यवाद करूँगा।
Source notes (2)
- Footnote मेरा न्याय चुका: दण्ड देने की बात नहीं है, मेरा मुकद्दमा लड़।
- Footnote पवित्र पर्वत: सिय्योन पर्वत, जहाँ परमेश्वर की आराधना की जाती थी।
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019. Copyright © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
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