इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019
भजन संहिता 112
धर्मी व्यक्ति के लक्षण
यहोवा की स्तुति करो!
क्या ही धन्य है वह पुरुष जो यहोवा का भय मानता है,
और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!
उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा1;
सीधे लोगों की सन्तान आशीष पाएगी।
उसके घर में धन-सम्पत्ति रहती है;
और उसका धर्म सदा बना रहेगा।
सीधे लोगों के लिये अंधकार के बीच में ज्योति उदय होती है;
वह अनुग्रहकारी, दयावन्त और धर्मी होता है।
जो व्यक्ति अनुग्रह करता और उधार देता है,
और ईमानदारी के साथ अपने काम करता है, उसका कल्याण होता है।
वह तो सदा तक अटल रहेगा;
धर्मी का स्मरण सदा तक बना रहेगा।
वह बुरे समाचार से नहीं डरता;
उसका हृदय यहोवा पर भरोसा रखने से स्थिर रहता है।
उसका हृदय सम्भला हुआ है, इसलिए वह न डरेगा,
वरन् अपने शत्रुओं पर दृष्टि करके सन्तुष्ट होगा।
उसने उदारता से दरिद्रों को दान दिया2,
उसका धर्म सदा बना रहेगा;
और उसका सींग आदर के साथ ऊँचा किया जाएगा। (2 कुरि. 9:9)
दुष्ट इसे देखकर कुढ़ेगा;
वह दाँत पीस-पीसकर गल जाएगा;
दुष्टों की लालसा पूरी न होगी। (प्रेरि. 7:54)
Source notes (2)
- Footnote उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा: उसकी सन्तान, उसके वंशज अर्थात् वे समृद्ध होंगे, सम्मानित होंगे, मनुष्यों के मध्य अपनी पहचान रखेंगे।
- Footnote उसने उदारता से दरिद्रों को दान दिया: वह उदार है वह मुक्त हस्त दान देता है। वह आवश्यकता ग्रस्त और अभागों में बाँट देता है।
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019. Copyright © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
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