इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019
अय्यूब 36
फिर एलीहू ने यह भी कहा,
“कुछ ठहरा रह, और मैं तुझको समझाऊँगा,
क्योंकि परमेश्वर के पक्ष में मुझे कुछ और भी कहना है।
मैं अपने ज्ञान की बात दूर से ले आऊँगा,
और अपने सृजनहार को धर्मी ठहराऊँगा।
निश्चय मेरी बातें झूठी न होंगी,
वह जो तेरे संग है वह पूरा ज्ञानी है।
“देख, परमेश्वर सामर्थी है, और किसी को तुच्छ नहीं जानता;
वह समझने की शक्ति में समर्थ है।
वह दुष्टों को जिलाए नहीं रखता,
और दीनों को उनका हक़ देता है।
वह धर्मियों से अपनी आँखें नहीं फेरता1,
वरन् उनको राजाओं के संग सदा के लिये सिंहासन पर बैठाता है,
और वे ऊँचे पद को प्राप्त करते हैं।
और चाहे वे बेड़ियों में जकड़े जाएँ
और दुःख की रस्सियों से बाँधे जाए,
तो भी परमेश्वर उन पर उनके काम,
और उनका यह अपराध प्रगट करता है, कि उन्होंने गर्व किया है।
वह उनके कान शिक्षा सुनने के लिये खोलता है2,
और आज्ञा देता है कि वे बुराई से दूर रहें।
यदि वे सुनकर उसकी सेवा करें,
तो वे अपने दिन कल्याण से,
और अपने वर्ष सुख से पूरे करते हैं।
परन्तु यदि वे न सुनें, तो वे तलवार से नाश हो जाते हैं,
और अज्ञानता में मरते हैं।
“परन्तु वे जो मन ही मन भक्तिहीन होकर क्रोध बढ़ाते,
और जब वह उनको बाँधता है, तब भी दुहाई नहीं देते,
वे जवानी में मर जाते हैं
और उनका जीवन लुच्चों के बीच में नाश होता है।
वह दुःखियों को उनके दुःख से छुड़ाता है,
और उपद्रव में उनका कान खोलता है।
परन्तु वह तुझको भी क्लेश के मुँह में से निकालकर
ऐसे चौड़े स्थान में जहाँ सकेती नहीं है, पहुँचा देता है,
और चिकना-चिकना भोजन तेरी मेज पर परोसता है।
“परन्तु तूने दुष्टों का सा निर्णय किया है इसलिए
निर्णय और न्याय तुझ से लिपटे रहते हैं।
देख, तू जलजलाहट से भर के ठट्ठा मत कर,
और न घूस को अधिक बड़ा जानकर मार्ग से मुड़।
क्या तेरा रोना या तेरा बल तुझे दुःख से छुटकारा देगा?
उस रात की अभिलाषा न कर3,
जिसमें देश-देश के लोग अपने-अपने स्थान से मिटाएँ जाते हैं।
चौकस रह, अनर्थ काम की ओर मत फिर,
तूने तो दुःख से अधिक इसी को चुन लिया है।
देख, परमेश्वर अपने सामर्थ्य से बड़े-बड़े काम करता है,
उसके समान शिक्षक कौन है?
किसने उसके चलने का मार्ग ठहराया है?
और कौन उससे कह सकता है, ‘तूने अनुचित काम किया है?’
“उसके कामों की महिमा और प्रशंसा करने को स्मरण रख,
जिसकी प्रशंसा का गीत मनुष्य गाते चले आए हैं।
सब मनुष्य उसको ध्यान से देखते आए हैं,
और मनुष्य उसे दूर-दूर से देखता है।
देख, परमेश्वर महान और हमारे ज्ञान से कहीं परे है,
और उसके वर्ष की गिनती अनन्त है।
क्योंकि वह तो जल की बूँदें ऊपर को खींच लेता है
वे कुहरे से मेंह होकर टपकती हैं,
वे ऊँचे-ऊँचे बादल उण्डेलते हैं
और मनुष्यों के ऊपर बहुतायत से बरसाते हैं।
फिर क्या कोई बादलों का फैलना
और उसके मण्डल में का गरजना समझ सकता है?
देख, वह अपने उजियाले को चहुँ ओर फैलाता है,
और समुद्र की थाह को ढाँपता है।
क्योंकि वह देश-देश के लोगों का न्याय इन्हीं से करता है,
और भोजनवस्तुएँ बहुतायत से देता है।
वह बिजली को अपने हाथ में लेकर
उसे आज्ञा देता है कि निशाने पर गिरे।
इसकी कड़क उसी का समाचार देती है
पशु भी प्रगट करते हैं कि अंधड़ चढ़ा आता है।
Source notes (3)
- Footnote वह धर्मियों से अपनी आँखें नहीं फेरता: वह लगातार उन पर दृष्टि लगाए रहता है कि उनका जीवन किस स्तर पर है- अधिक ऊँचे या नीचे स्तर पर।
- Footnote वह उनके कान शिक्षा सुनने के लिये खोलता है: वह उन्हें कष्टों द्वारा मिलनेवाली शिक्षा सुनने या सीखने के लिए इच्छुक बनाता है।
- Footnote उस रात की अभिलाषा न कर: स्पष्टतः मृत्यु की रात।
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019. Copyright © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
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