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इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019

यशायाह 12

धन्यवाद का गीत

उस दिन1 तू कहेगा, “हे यहोवा, मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ, क्योंकि यद्यपि तू मुझ पर क्रोधित हुआ था, परन्तु अब तेरा क्रोध शान्त हुआ, और तूने मुझे शान्ति दी है।”

देखो “परमेश्वर मेरा उद्धार है, मैं भरोसा रखूँगा और न थरथराऊँगा; क्योंकि प्रभु यहोवा मेरा बल और मेरे भजन का विषय है, और वह मेरा उद्धारकर्ता हो गया है।” (भज. 118:14, निर्ग. 15:2)

तुम आनन्दपूर्वक उद्धार के सोतों से जल भरोगे। और उस दिन तुम कहोगे, “यहोवा की स्तुति करो, उससे प्रार्थना करो; सब जातियों में उसके बड़े कामों का प्रचार करो, और कहो कि उसका नाम महान है। (भज. 105:1,2)

“यहोवा का भजन गाओ, क्योंकि उसने प्रतापमय काम किए हैं2, इसे सारी पृथ्वी पर प्रगट करो। हे सिय्योन में बसनेवाली तू जयजयकार कर और ऊँचे स्वर से गा, क्योंकि इस्राएल का पवित्र तुझ में महान है।”

Source notes (2)
  1. Footnote उस दिन: पिछले अध्याय में जिस दिन का संदर्भ है, मसीह के आगमन का समय जब उसके राज्य का प्रभाव हर जगह दिखाई देगा।
  2. Footnote यहोवा .... उसने प्रतापमय काम किए हैं: महिमा की बातें, जो उत्सव के योग्य हैं, स्मरणयोग्य रही हैं, जो बातें गौरव की, महान और अद्भुत हैं।

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019. Copyright © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.

Full source notice & licence · CC BY-SA 4.0 · SourceEdition imported 2026-10-25.

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