याकूब
James
Introduction from this edition
याकूब का पस्र
याकूब की चिठ्टी
भूमिका
याकूब कि किताब याकूब नामक कोई व्यक्ति दुवारा लिखी गई हती। याहा संभवत: यीसु को भई याकूब हतो, जे सुरूआती कलीसिया म एक अगुवा हतो अऊर यरूसलेम की परिसद को हिस्सा हतो।
याकूब अपनी किताब ख दुसरी जाति हुन म बिखरे हुए बारा गोत्रो
रूप रेखा:
1. याकूब म अपनो पाठक हुन को अभिवादन करह हैं।
2. ऐको बाद वाहा मसी हुन ख प्रोत्साहित करह हैं कि जब वी कस्ट सहे ते मजबुत बनिया रहे।
3. फिर वाहा कहव हैं कि करम को दुवारा भरोसा को परगट होनो कसो आवस्यक हैं।
4. ओको बाद वाहा कहव हैं कि मुँह से निकले सब्द कित्ता सक्तिसाली हो सकह हैं।
5. तब याकूब समझावा हैं कि कसो परमेस्वर कि बुध्दि दुनिया कि बुध्दि से भिन्न हैं।
6. ऐको बाद वाहा अपनो पाठको ख घंमडी होवन को खिलाफ चेतावनी देवा हैं।
7. याकूब कुछ सामान्य निर्देस दे ख पानी किताब म समाप्त करह हैं।
परमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू. Copyright © 2023 The Word for the World International and Mehra Bhasha Samiti, Betul, (M.P.). Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
Full source notice & licence · CC BY-SA 4.0 · SourceEdition imported 2026-10-25.