2 कुरि
2 Corinthians
Introduction from this edition
2 कुरिन्थियों के लिए पौलुस की चिट्ठी
2 कुरिन्थियन के निता पोलुस कर चिट्ठी
परचा
2 कुरिन्थियन के चेला पोलुस करीबन 55-56 अगल बगल मसीह के जनम
2 कुरिन्थियन एखर मतलब अनोखा हबै कि हइ अक्ठी बोहत बेक्तिगत अउ भवनातमक चिट्ठी हबै। पोलुस कुरिन्थी मंडली के बारे हे तीतुस लग मिले निक्खा बात के बारे अपन खुसी बाटथै। हइ चिट्ठी हम नबा नियम के द्रस्टी कोन लग देय के बारे निक्खा सिक्छा पाथै, ऊ खंड हे जिहां पोलुस यरुसलेम के बिस्वासिन के मदद करै के निता पइसा अकजुट करै के निता सिक्छा देथै।
रूप रेखा
1. पोलुस अपन चिट्ठी के सुरुवात मंडली के नमस्ते लग करिस।
2. दूसर पोलुस के यातरा योजनन हे अपन बदलाव अउ उनखर बारे हे मिले बात अउ अपन पिछले चट्ठी के परति उनखर सोच बिचार के बारे हे बात करथै।
3. ओखर बाद पोलुस यरुसलेम हे बिस्वासिन के निता पइसा अकजुट करै के सबंध हे सिक्छा देथै।
4. आखरी हे पोलुस अपन प्रेरिताई के निता अक्ठी बचाव देथै अउ अपन अगले मुलाखात के बारे हे सचेत करथै।
भगवान कर सच्चा बचन. Copyright © The Word for the World International. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
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