1 यूहन्ना
1 John
Introduction from this edition
1 यूहन्ना की चिट्ठी
1 यूहन्ना कर चिट्ठी
परचा
1 यूहन्ना के चिट्ठी प्रेरित यूहन्ना दवारा मसीह के पइदा के 50 लग 100 साल के बीच लिखे गय रथै, यूहन्ना खुद के लिखे बाले के रूप हे नेहको चीनथै, पय पहिले अध्याय दिखाथै कि ऊ यीसु के जीवन अउ जी उठै के प्रतक्छ हबै।
यूहन्ना हइ चिट्ठी सगलू मसीहन के असना टेम हे लिखे रथै, जब मंडली के आत्म ग्यानी नाम के मनसेन के अक्ठी समूह लग परेसानी होथै। हइ मनसेन के मानना रथै कि यीसु पूरी तरह लग भगवान रथै पय भुंइ हे रहत ऊ सच हे मांस अउ खून के देह बाले मनसे रथै। हइ कारन लग यूहन्ना यीसु के जीवन के प्रतक्छ होय के बारे लिखथै, अउ हइ कि ओखर अपन हाथ यीसु के छुइस
रूप रेखा
1. यूहन्ना अपन चिट्ठी के परचा देथै अउ इके लिखे के अक्ठी उदेस्य देथै।
2. फेर ऊ कथै कि भगवान कसना परकास हबै अउ हमके यीसु के जसना जीय चाही।
3. एखर बाद ऊ हमके अक दूसर लग माया करै के आदेस के सुरता दिलाथै।
4. ऊ अपन चिट्ठी के समापत करथै।
भगवान कर सच्चा बचन. Copyright © The Word for the World International. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
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