1 कुरि
1 Corinthians
Introduction from this edition
1 कुरिन्थयों के लिए पौलुस की चिट्ठी
1 कुरिन्थियन के निता पोलुस कर चिट्ठी
परचा
1 कुरिन्थियों के चेला पोलुस मसीह के जनम के करीबन 55 साल बाद
हइ चिट्ठी उन वरनन के परति किरिया हबै जउन पोलुस के मंडली कुछ सदस्य लग मंडली हे कइमेर अस्वस्थ के बारे हे मिले रथै, जेहमा विभाजन अउ सरीरिक सबंध सामिल हबै। कुरिन्थी सहर अपन सरीरिक सबंध के निता अच्छी मेर लग जाने जात रहै, इहैनिता हइ चकित के बात नेहको हबै कि उहां के मंडली इन मुद्दा के सामना करत रहै। 1 कुरिन्थियों हे माया बोहत बडा
रूप रेखा
1. पोलुस कुरिन्थियन के सोगत करथै अउ उनखर निता भगवान के धन्यबाद करथै।
2. फेर ऊ कुरिन्थियन के मंडली हे विभाजन के बारे हे मिले हर वरनन के संबोधित करथै।
3. एखर बाद ऊ सारीरिक सबंध के मुद्दा के संबोधित करथै अउ अक दूसर के अदालत हे लइ जथै।
4. ओखर बाद ऊ काज, मूरतिन के बलि, साधारन पूजा, आतमिक उपहार अउ फेरै लग जिन्दा के मामला हे निरदेस देथै।
5. आखरी हे ऊ कुछ बेउहारिक अउ बेक्तिगत मामला के संग समापत होथै।
भगवान कर सच्चा बचन. Copyright © The Word for the World International. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
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