परमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू
रोमियो 7
सादीसुदा जिन्दगी को उदाहरन
अरे भई हुन, का तुम नी जाना हैं कि म नेम का जानावालो से कहूँ हैं कि जब तक अदमी जिन्दो रयो हैं, तब तक ओ पर नेम कि दया रय्हे हैं? सादी तब तक अपनो बंधन नियम से बनी रवह हैं जब तक उ जीवित यदि मर जाय हैं ते उ अपनो पति को नेम से छुट गई। एकोलाने अगर घर वालो को जीतो जी उ कुई दूसरो अदमी ख हो जाए, ते छिनालापन बोले, पर अगर घर वालो मर जाहे, ते उ नेम से छुट गई यहाँ तक कि अगर कुई दूसरो अदमी कि हो जाहे तब भी छिनालापन नी रहे। वसो ही अरे मोरो भई हुन, तुम भी मसी को सरीर को दुवारा नेम हुन ख लाने मरे हुयो बन गयो, कि उ दूसरो को हो जा, जो मरे हुयो म से जिन्दो भयो: काहेकि हम परमेस्वर का लाने फल लाएँ हे। काहे कि जब हम सारीरिक हतो, ते पाप हुन कि लालचपन से जो नेम हुन ख व्दारा हतो, मरन का फल पैदा करन का लाने हमारो जिन्दगी म काम करत हता। पर जे ख बन्धन म हता ओखा लाने मर ख अब नेम हुन से असो छुट गयो, कि लेख कि पुरानी रीति पर सेवा नी, पर आत्मा कि नई रीति पर सेवा कर हैं।
नेम अर पाप
ते हम का कह हैं? का नेम पाप हैं? असो नी हैं! पर बिना नेम को म पाप ख नी चीन्न पर नेम अगर नी कह हैं, कि लोभ नी कर ते म लोभ ख नी जाना। पर पाप नी मऊका देख ख आदेस को व्दारा मोखा म सब तरीका को लोभ उत्पन्न कियो, काहेकि बिना नेम पाप मुर्दा हैं। म ते नेम बिना पहले जीवित हतो, पर अब आदेस आई, ते पाप जिन्दो हो गयो, अर म मर गयो। अर उही आदेस जो जिन्दगी ख लाने हतो, मोरो लाने मरन ख लाने रयो। काहेकि पाप हुन न देख ख आदेस को व्दारा मोखा बहकायो दियो, अर ओको व्दारा मोखा मार भी डालो।
एकोलाने नेम सुध्द हैं, अर आदेस भी उचित अर अच्छो हैं। ते का उ ते अच्छो हतो, मोरो लाने मरनू रयो? असो नी! पर पाप ओकी अच्छी चीज ख व्दारा मोरो लाने माऊत ख पैदा करनवालो भयो कि ओको पाप होन दिखनू हो, अर आदेस को व्दारा पाप ही पाप मय रहे!
हम जाना हैं कि नेम ते आत्मिक हैं, पर म सारीरिक अर पाप ख हात बिक हुयो हैं। जो म करूँ हैं ओ ख नी जाना: काहेकि जो म चाहूँ हैं नी कियो करूँ पर जेसे मोखा गुस्सा आय हैं उ करूँ हैं। पर जो म नी चाहूँ हैं कि ऊईच करूँ हैं ते म मान लियो हैं कि नेम अच्छो हैं। ते असो मजबुरी म ओकी करन वालो म नी, पर पाप हैं जो मोखा म बठो भयो हैं। काहेकि मी जानू हैं कि मोखा म असो कि मोरो सरीर म कुई अच्छी चीज भीतर नी करिये। इच्छा ते मोखा म हैं, पर अच्छो काम मोखा से बन नी पड़ आय। काहेकि जसो अच्छो काम कि मी इच्छा करूँ हैं उ ते नी करूँ हैं, पर जे ख बुराई कि इच्छा नी कर हैं उही कियो करूँ हैं। अब अदि म उही करूँ हैं जेको इच्छा नी करूँ हैं, ते ओको करनवालो म नी रय्हो, पर पाप जो मोखा म बठो भेयो हैं।
यी तरीका म यी नेम पायो हैं कि अब दया करन कि अच्छो करा हैं, ते बुराई मोरो नजीक आव हैं। काहेकि मी अंदर अदमीत्व से ते परमेस्वर कि नेम से बेजा खूसी1 रह हैं। पर मोखा अपनी आग हुन म दूसरो तरीका को नेम दिखई पड़ह हैं, जे मोरो समझ को नेम से लड़ह हैं अर मोखा पाप को नेम ख बन्धन म डालो हैं जो मोरो आग हुन म हैं। मी कसो अभागो अदमी हूँ! मोखा यी मरन का सरीर से कोन छुड़ा हे? हमारो प्रभु यीसु मसी को व्दारा परमेस्वर को धन्यवाद हो। एकोलाने म स्वंय दिमाक से ते परमेस्वर को नेम ख, पर सरीर से पाप कि नेम को सेवा करूँ हैं।
Source notes (1)
- Footnote प्रसन्न
परमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू. Copyright © 2023 The Word for the World International and Mehra Bhasha Samiti, Betul, (M.P.). Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
Full source notice & licence · CC BY-SA 4.0 · SourceEdition imported 2026-10-25.