रोमीयो
Romans
Introduction from this edition
रोमीयो खे नाम पौलुस प्रेरित की चिठ्ठी
रोमीयो को नाम पौलुस प्रेरित की चिठ्ठी
पैछान
रोमीयो कि किताब संभव प्रेरित पौलुस का वजेसे 54-58 साल का नजीक लिखी गय या यीशु मसीह को जन्म. पौलुस ए अभी तक रोम का पास नी कर्यो थो येकालिये ओने रोम का मसीहोन खे नीर्देश देन का लिये या चिठ्ठी भेज्हु, यहूदी अरु गैरयहूदी दो. उनका से या चिठ्ठी कुरिथी शहर से लिख्यो थो झा र्हि रोथो वा टेम मे. पौलुस ने येकालिये लिख्यो क्युकि पुरा राष्ट्र यीशु मसीह पर विश्वास कर्हे अरु ओकि आज्ञा मान्हे
रोमीयो कि किताब हर जगा अरु हर टेम मसीहोन का लिये एक जरुरी किताब हइ पौलुस सपा रुप से अरु पुरा रीति से समजास हइ कि यीशु मसीह का माध्यम से हमखे का पुन्य मील्हे. पौलुस भी यीशु मसीह को जरुरी हइ किताब मे श्लोक
रुप रेखा
1. पौलुस अपनी चिठ्ठि बराबर अपनो परिचय दिखे अरु यो बतय खे सुरु करस हइ कि व्हा कोखे लिखी रोस हइ
2. येका बद व्हा इनसान का जात कि जगा अरु यीशु मसीह का माध्यम से सभाविक मुक्ती का बारे मे लिख्योस हइ
3. येका बाद पौलुस मसी जीवन का लिये कोय व्यवहारीक नीर्देश देस हइ
4. व्हा रोमन का मंडली मे दुन्या खे भोत शुभकामना होन दिखे रोमनहोन ख खतम करस हइ
परमेश्वर को पवित्र वचन. Copyright © 2024 The Word for the World International. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
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