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इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

अम्सा 1

अस्माल का मकसद

इस्राईल के बादशाह सुलेमान बिन दाऊद की अम्साल:

हिकमत और तरबियत हासिल करने,

और समझ की बातों का फ़र्क़ करने के लिए,

'अक़्लमंदी और सदाक़त और 'अद्ल, और रास्ती में तरबियत हासिल करने के लिए;

सादा दिलों को होशियारी,

जवान को 'इल्म और तमीज़ बख़्शने के लिए,

ताकि 'अक़्लमंद आदमी सुनकर 'इल्म में तरक़्क़ी करे

और समझदार आदमी दुरुस्त मश्वरत तक पहुँचे,

जिस से मसल और तम्सील को,

'अक़्लमंदों की बातों और उनके पोशीदा राज़ो को समझ सके।

ख़ुदावन्द का ख़ौफ़ 'इल्म की शुरू'आत है;

लेकिन बेवक़ूफ़ हिकमत और तरबियत की हिक़ारत करते हैं।

ऐ मेरे बेटे, अपने बाप की तरबियत पर कान लगा,

और अपनी माँ की ता'लीम को न छोड़;

क्यूँकि वह तेरे सिर के लिए ज़ीनत का सेहरा,

और तेरे गले के लिए तौक़ होंगी।

ऐ मेरे बेटे, अगर गुनहगार तुझे फुसलाएँ, तू रज़ामंद न होना।

अगर वह कहें, हमारे साथ चल, हम खू़न करने के लिए ताक में बैठे,

और छिपकर बेगुनाह के लिए नाहक़ घात लगाएँ,

हम उनको इस तरह ज़िन्दा और पूरा निगल जाएँ जिस तरह पाताल मुर्दों को निगल जाता है।

हम को हर क़िस्म का 'उम्दा माल मिलेगा,

हम अपने घरों को लूट से भर लेंगे;

तू हमारे साथ मिल जा,

हम सबकी एक ही थैली होगी,

तो ऐ मेरे बेटे, तू उनके साथ न जाना,

उनकी राह से अपना पाँव रोकना।

क्यूँकि उनके पाँव बदी की तरफ़ दौड़ते हैं,

और खू़न बहाने के लिए जल्दी करते हैं।

क्यूँकि परिंदे की आँखों के सामने,

जाल बिछाना बेकार है।

और यह लोग तो अपना ही खू़न करने के लिए ताक में बैठते हैं,

और छिपकर अपनी ही जान की घात लगाते हैं।

नफ़े' के लालची की राहें ऐसी ही हैं,

ऐसा नफ़ा' उसकी जान लेकर ही छोड़ता है।

हिकमत कूचे में ज़ोर से पुकारती है,

वह रास्तों में अपनी आवाज़ बलन्द करती है;

वह बाज़ार की भीड़ में चिल्लाती है;

वह फाटकों के दहलीज़ पर और शहर में यह कहती है:

“ऐ नादानो, तुम कब तक नादानी को दोस्त रख्खोगे?

और ठट्ठाबाज़ कब तक ठठ्ठाबाज़ी से और बेवक़ूफ़ कब तक 'इल्म से 'अदावत रख्खेंगे?

तुम मेरी मलामत को सुनकर बाज़ आओ,

देखो, मैं अपनी रूह तुम पर उँडेलूँगी,

मैं तुम को अपनी बातें बताऊँगी।

चूँकि मैंने बुलाया और तुम ने इंकार किया मैंने हाथ फैलाया और किसी ने ख़याल न किया,

बल्कि तुम ने मेरी तमाम मश्वरत को नाचीज़ जाना,

और मेरी मलामत की बेक़द्री की;

इसलिए मैं भी तुम्हारी मुसीबत के दिन हसूँगी;

और जब तुम पर दहशत छा जाएगी तो ठठ्ठा मारूँगी।

या'नी जब दहशत तूफ़ान की तरह आ पड़ेगी,

और आफ़त बगोले की तरह तुम को आ लेगी,

जब मुसीबत और जाँकनी तुम पर टूट पड़ेगी।

तब वह मुझे पुकारेंगे, लेकिन मैं जवाब न दूँगी;

और दिल ओ जान से मुझे ढूंडेंगे, लेकिन न पाएँगे।

इसलिए कि उन्होंने 'इल्म से 'अदावत रख्खी,

और ख़ुदावन्द के ख़ौफ़ को इख़्तियार न किया।

उन्होंने मेरी तमाम मश्वरत की बेक़द्री की,

और मेरी मलामत को बेकार जाना।

तब वह अपनी ही चाल चलन का फल खाएँगे,

और अपने ही मन्सूबों से पेट भरेंगे।

क्यूँकि नादानों की नाफ़रमानी, उनको क़त्ल करेगी,

और बेवक़ूफ़ों की बेवक़ूफ़ी उनकी हलाकत का ज़रिया' होगी।

लेकिन जो मेरी सुनता है, वह महफ़ूज़ होगा,

और आफ़त से निडर होकर इत्मिनान से रहेगा।”

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019. Copyright © 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.

Full source notice & licence · CC BY-SA 4.0 · SourceEdition imported 2026-10-25.

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