Skip to content
BibleKenya

होसी

Hosea

Introduction from this edition

होसीअ

मुसन्निफ़ की पहचान

होसीअ की किताब के अक्सर पैग़ामात होसीअ के ज़रीए बोले गए थे। हम नहीं जानते कि उन्हें उस ने ख़ुद लिखे पर इतना जानते हैं कि उसके कलाम को ग़ालिबन उस के शागिरदों ने जमा किया जो इस बात के क़ायल थे कि होसीअ ख़ुदा की तरफ़ से बोलता था। होसीअ के नाम का मतलब है 'नजात‘ इस के अलावा किसी और नबी से ज़्यादा होसीअ नज़दीकी से अपनी शख़्सी ज़िन्दगी के साथ अपने पैग़ामात से जुड़ा हुआ था। एक औरत से शादी करने के ज़रिए वह जानता था कि वह आखि़र — ए — कार अपना भरोसा खो देगा, और अपने बच्चों को नाम रखने के ज़रीये अदालत के पैग़ामात को इस्राईल पर लाएगा। होसीअ का नबुव्वती कलाम उस के ख़ान्दान की ज़िन्दगी से बह निकला।

लिखे जाने की तारीख़ और जगह

इसके तस्नीफ़ की तारीख़ तक़रीबन 750 - 710 ई. पू. के बीच है।

होसीअ नबी के पैग़ामात जमा किए गए तालीफ़ व तर्तीब दिए गये और फिर नक़ल किए गये। यह साफ़ नहीं है कि यह तरीक़ — ए — अमल कब तकमील तक पहंचा था। मगर ग़ालिबन यह समझा जाता है कि यरूशलेम की बर्बादी से पहले यह काम पूरा हुआ था।

क़बूल कुनिन्दा पाने वाले

होसीअ के जुबानी पैग़ामात के नाज़रीन व सामईन शुमाली इस्राईल के लोग रहे होंगे। जब उनहोंने उन पैग़ामात को सुन लिया तो एक नबुवती अदालत की तंबीह या बाइस — ए — इबरत बतौर, एक तौबा की बुलाहट के लिए और बहाली के लिए एक वायदा बतौर था।

असल मक़सूद

होसीअ ने इस किताब को बनी इस्राईल और मौजूदा ईमानदारों को यह याद दिलाने के लिए लिखा कि ख़ुदा को हमारी वफ़ादारी की ज़रूरत है। कि यहवे ही एक सच्चा ख़ुदा है और वह बेतक़सीम वफ़ादारी की मांग करता है। गुनाह अदालत ले आता है होसीअ ने दर्दनाक अंजाम से दख़ल अंदाज़ी और गुलामी की बाबत ख़बरदार कराया ख़ुदा इंसानों जैसा नहीं कि एक वफ़ादारी का वायदा करे और फिर उसे तोड़ दे। बनी इस्राईल की बेवफ़ाई और फ़रेब के बावजूद भी ख़ुदा की मुहब्बत उनके लिए जारी रही और उन की बहाली के लिए एक रास्ता मुहय्या किया। होसीअ और गोमेर की शादी की अलामत बतौर पेशकश के ज़रिए बुतपरस्त क़ौम बनी इस्राईल के लिए ख़ुदा की मुहब्बत का किरदार गुनाह, अदालत और बख़शिश के प्यार के मुआमले में एक शान्दार मजाज़ पेश करता है।

मौज़’अ

बे — वफ़ाई

बैरूनी ख़ाका

1. होसी की बे — ईमान (बे — एत्क़ाद) बीवी — 1:1-11

2. ख़ुदा की सज़ा और इस्राईल का इन्साफ़ — 2:1-23

3. ख़ुदा अपने लोगों को छुटकारा देता है — 3:1-5

4. इस्राईल की बे — वफ़ाई और सज़ा — 4:1-10:15

5. ख़ुदा की मुहब्बत और इस्राईल की बहाली — 11:1-14:9

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019. Copyright © 2019 Bridge Connectivity Solutions Pvt. Ltd. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.

Full source notice & licence · CC BY-SA 4.0 · SourceEdition imported 2026-10-25.

BibleKenya

Reader settings

Theme
Font
Alignment
Reading width

Saved in this browser and used offline too. Press ? for keyboard shortcuts.