इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019
नीतिवचन 31
राजा को सलाह
लमूएल राजा के प्रभावशाली वचन, जो उसकी माता ने उसे सिखाए।
हे मेरे पुत्र, हे मेरे निज पुत्र!
हे मेरी मन्नतों के पुत्र1!
अपना बल स्त्रियों को न देना,
न अपना जीवन उनके वश कर देना जो राजाओं का पौरूष खा जाती हैं।
हे लमूएल, राजाओं को दाखमधु पीना शोभा नहीं देता,
और मदिरा चाहना, रईसों को नहीं फबता;
ऐसा न हो कि वे पीकर व्यवस्था को भूल जाएँ
और किसी दुःखी के हक़ को मारें।
मदिरा उसको पिलाओ जो मरने पर है,
और दाखमधु उदास मनवालों को ही देना;
जिससे वे पीकर अपनी दरिद्रता को भूल जाएँ
और अपने कठिन श्रम फिर स्मरण न करें।
गूँगे के लिये अपना मुँह खोल,
और सब अनाथों का न्याय उचित रीति से किया कर।
अपना मुँह खोल और धर्म से न्याय कर,
और दीन दरिद्रों का न्याय कर।
सदाचारी पत्नी
भली पत्नी कौन पा सकता है?
क्योंकि उसका मूल्य मूँगों से भी बहुत अधिक है।
उसके पति के मन में उसके प्रति विश्वास है,
और उसे लाभ की घटी नहीं होती।
वह अपने जीवन के सारे दिनों में उससे बुरा नहीं,
वरन् भला ही व्यवहार करती है।
वह ऊन और सन ढूँढ़ ढूँढ़कर,
अपने हाथों से प्रसन्नता के साथ काम करती है।
वह व्यापार के जहाजों के समान अपनी भोजनवस्तुएँ दूर से मँगवाती है।
वह रात ही को उठ बैठती है,
और अपने घराने को भोजन खिलाती है
और अपनी दासियों को अलग-अलग काम देती है।
वह किसी खेत के विषय में सोच विचार करती है
और उसे मोल ले लेती है; और अपने परिश्रम के फल से दाख की बारी लगाती है।
वह अपनी कमर को बल के फेंटे से कसती है,
और अपनी बाहों को दृढ़ बनाती है। (लूका 12:35)
वह परख लेती है कि मेरा व्यापार लाभदायक है।
रात को उसका दिया नहीं बुझता।
वह अटेरन में हाथ लगाती है,
और चरखा पकड़ती है।
वह दीन के लिये मुट्ठी खोलती है,
और दरिद्र को सम्भालने के लिए हाथ बढ़ाती है।
वह अपने घराने के लिये हिम से नहीं डरती,
क्योंकि उसके घर के सब लोग लाल कपड़े पहनते हैं।
वह तकिये बना लेती है;
उसके वस्त्र सूक्ष्म सन और बैंगनी रंग के होते हैं।
जब उसका पति सभा में देश के पुरनियों के संग बैठता है,
तब उसका सम्मान होता है।
वह सन के वस्त्र बनाकर बेचती है;
और व्यापारी को कमरबन्द देती है।
वह बल और प्रताप का पहरावा पहने रहती है,
और आनेवाले काल के विषय पर हँसती है2।
वह बुद्धि की बात बोलती है3,
और उसके वचन कृपा की शिक्षा के अनुसार होते हैं।
वह अपने घराने के चाल चलन को ध्यान से देखती है,
और अपनी रोटी बिना परिश्रम नहीं खाती।
उसके पुत्र उठ उठकर उसको धन्य कहते हैं,
उनका पति भी उठकर उसकी ऐसी प्रशंसा करता है:
“बहुत सी स्त्रियों ने अच्छे-अच्छे काम तो किए हैं परन्तु तू उन सभी में श्रेष्ठ है।”
शोभा तो झूठी और सुन्दरता व्यर्थ है,
परन्तु जो स्त्री यहोवा का भय मानती है, उसकी प्रशंसा की जाएगी।
उसके हाथों के परिश्रम का फल उसे दो,
और उसके कार्यों से सभा में उसकी प्रशंसा होगी।
Source notes (3)
- Footnote मेरी मन्नतों के पुत्र: शमूएल और शिमशोन जैसे पुत्र जो प्रायः प्रार्थना द्वारा प्राप्त हुए। समर्पण की शपथ से अनुमोदित प्रार्थना।
- Footnote आनेवाले काल के विषय पर हँसती है: अर्थात् वह चिन्तित होकर भविष्य को नहीं देखती परन्तु आत्म-विश्वास के साथ हर्ष से देखती है।
- Footnote वह बुद्धि की बात बोलती है: एक सच्ची पत्नी के मुख से निकलने वाले वचन श्रोताओं के लिए नियम निर्धारक मार्गदर्शन एवं निर्देशन स्वरूप होते हैं।
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019. Copyright © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
Full source notice & licence · CC BY-SA 4.0 · SourceEdition imported 2026-10-25.