1पतरस
1 Peter
Introduction from this edition
पतरस का पहला पस्र
पतरस की पहली चिठ्टी
भूमिका
पतरस की चिठ्टी प्रेरित पतरस दुवारा लिखो गयो थो। पतरस न अपनी चिठ्टी की सुरूआत याहा कहते वाहा कोन हतो अऊर को ख लिख रहयो थो। ओ न न उन सभी मसी हुन की चिठ्टी संबोधित कियो जिन्हे ओ न, “अजनबी”
पतरस कहव हैं कि ओ न या चिठ्टी तुम ख प्रोत्साहित करनो अऊर या बात कि गवाही देवन को लाने लिखो हैं कि याहा परमेस्वर की सच्ची दया
रूप रेखा
1 पतरस अपनो परिचय देवा हैं अऊर अपनो पाठको ख संबोधित करह हैं।
2. फिर वाहा उ उध्दार को लाने परमेस्वर ख धन्यवाद करह हैं जे से वी सब साझा करह हैं अऊर जे उन की जिन्दगी को लाने मायना रखह हैं।
3. ऐको बाद वाहा विस्वासी हुन ख निर्देस देवा हैं कि कसो दुनिया म अच्छी तरह से रहनो हैं अऊर पति अऊर अऊरत अऊर दास अऊर मालिक को बीच विभिन्न संबंधो ख संबोधित करह हैं।
4. ऐको बाद पतरस उन्हे दुख सहन म लगे रहवन को लाने प्रोत्साहित करह हैं।
5. फिर वाहा अपनी चिठ्टी ख समाप्त करह हैं।
परमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू. Copyright © 2023 The Word for the World International and Mehra Bhasha Samiti, Betul, (M.P.). Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
Full source notice & licence · CC BY-SA 4.0 · SourceEdition imported 2026-10-25.