मरकुस
Mark
Introduction from this edition
मरकुस रचित यीशु मसीह का सुसमाचार
मरकुस रचित यीशु मसीह को सुसमाचार
पहिचान
मरकुस का अनुसार गास्पोल नवा नीयम की चार किताब मे से एक हइ जो यीशु का जीवन को वर्णन करस हइ मसीह. ओमे से हर कोय खे “सुसमाचार” बोल्यो जास हइ, जेको अर्थ हइ “अच्छी खबर” वे यीशु का बाद लिखी गइ थी मत्ती, मरकुस, लुका अरु यहून्ना का वजेसे मरनो. मरकुस का अनुसार सुसमाचार चार मे सबसे छोटो हइ सुसमाचार. यो भी मान्यो जास हइ कि सब सुसमाचार सबसे पैयले 65-70 साल का बीच लिख्या गया था यीशु मसीह को जन्म का बाद. कोइ विधवानहोन को माननो हइ कि यो रोम मे कोय उद्देश्य से गयो थो वहा रोमन ख्रिशचन खे प्रोत्साहित करणु.
मरकुस जो यहून्ना मरकुस का नाम से भी जान्यो जास हइ, प्रेरित पौलुस अरु बरनबास को साथी थो लेकिन ओकी प्रतीष्ठा थी जब उनने मीशनरी जत्रा खे त्यागी दियो ते वे आहत हुया
रुप-रेखा
1. मरकुस कि बात को पैछान अध्याय मे देस हइ.
2. फिर मरकुस अध्याय मे यीशु का मत्रय को वर्णन करस हइ जब उ गलील मे थो.
3. येका बाद उ यीशु का यरुशलेम जत्रा का बारे मे बतास हइ
4. मरकुस ने यरुशलेम मे यीशु का टेम का बारे मे लिखी खे अपनी बात खतम करी, जोमे ओको मरनो अरु पुनरुत्थान भी शामील हइ.
परमेश्वर को पवित्र वचन. Copyright © 2024 The Word for the World International. Licensed under CC BY-SA 4.0. Source: eBible.org. Typeset from the source files; no intended changes to scripture wording. BibleKenya is not endorsed by the rights holder.
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